वरिष्ट शिक्षक को विद्यालय प्रभार नहीं सौंपने पर होगी ये करवाई, सरकार ने उठाया सख़्त क़दम

उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने के क्रम में एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है।

सरकार में पत्र जारी कर बताया कि अब विद्यालय में वरिष्ठ शिक्षक रहते हुए कनीय शिक्षक विद्यालय प्रभार नहीं संभाल सकते हैं।

पत्र में कही गई ये महात्वपूर्ण बातें

उ०प्र० बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली 1981 (अद्यतन संशोधित) में विहित प्रावधानों के अनुसार शिक्षकों की वरिष्ठता उनके मौलिक नियुक्ति (प्रशिक्षणोपरान्त प्रथम नियुक्ति तिथि) तिथि से अवधारित की जायेगी।

उक्त नियमावली के नियम 22 (1) के अनुसार- “किसी संवर्ग में किसी अध्यापक की ज्येष्ठता मौलिक रूप से उसकी नियुक्ति के दिनांक से अवधारित की जायेगी,

परन्तु यदि दो या अधिक व्यक्ति एक ही दिनांक को नियुक्त किये जाय, तो उनकी वरिष्ठता उस क्रम से अवधारित की जायेगी”, जिसमें उनके नाम यथास्थिति, नियम 17 या 17 क या नियम 18 में निर्दिश्ट सूची में आये हों।