बिहार के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी: छात्रवृत्ति दोगुनी, छात्रावास अनुदान भी बढ़ा
पटना: बिहार सरकार ने राज्य के लाखों छात्रों को बड़ी राहत देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की छात्रवृत्ति को दोगुना करने और छात्रावास अनुदान बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
बैठक के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह फैसला खास तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को ध्यान में रखकर लिया गया है, ताकि कोई भी बच्चा पैसों की कमी के कारण पढ़ाई बीच में न छोड़े।
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
राज्य सरकार का कहना है कि आज भी बिहार में कई बच्चे आर्थिक तंगी की वजह से स्कूल छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। खासकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग के बच्चों के सामने यह समस्या ज्यादा होती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने तय किया है कि बच्चों को पढ़ाई के दौरान समय पर आर्थिक मदद मिले, जिससे वे बिना किसी दबाव के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।
अब छात्रों को कितनी छात्रवृत्ति मिलेगी? (आसान भाषा में)
सरकार ने कक्षा के अनुसार छात्रवृत्ति की नई दरें तय की हैं:
- कक्षा 1 से 4 तक: ₹1,200 प्रति वर्ष
- कक्षा 5 और 6: ₹2,400 प्रति वर्ष
- कक्षा 7 से 10: ₹3,600 प्रति वर्ष
पहले यह राशि काफी कम थी, जिससे किताब, कॉपी और यूनिफॉर्म जैसे जरूरी खर्च पूरे नहीं हो पाते थे। अब बढ़ी हुई राशि से बच्चों की पढ़ाई थोड़ी आसान हो जाएगी।
छात्रावास में रहने वाले बच्चों को मिलेगा ज्यादा लाभ
जो छात्र पढ़ाई के लिए छात्रावास में रहते हैं, उनके लिए भी सरकार ने राहत भरा फैसला लिया है।
अब कक्षा 1 से 10 तक छात्रावास में रहने वाले छात्रों को ₹6,000 सालाना दिए जाएंगे।
इससे दूर-दराज के इलाकों से आने वाले बच्चों को रहने और खाने की परेशानियों में मदद मिलेगी।
पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग के छात्रों को भी बराबर लाभ
कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने यह भी बताया कि
पिछड़ा वर्ग (OBC) और अतिपिछड़ा वर्ग (EBC) के छात्रों को भी उसी दर से छात्रवृत्ति और छात्रावास अनुदान दिया जाएगा।
यानी अब सभी वर्गों के छात्रों को बराबरी का लाभ मिलेगा।
कितने छात्रों को फायदा होगा और कितना बजट तय हुआ?
- इस फैसले से करीब 27 लाख छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे
- सरकार ने इसके लिए कुल ₹519.64 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है
सरकार का मानना है कि इस कदम से सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ेगा और ड्रॉपआउट की समस्या कम होगी।
अभिभावकों के लिए क्यों जरूरी है यह फैसला?
इस फैसले से माता-पिता को भी बड़ी राहत मिलेगी।
छात्रवृत्ति की राशि से:
- बच्चों की किताब-कॉपी खरीदी जा सकेगी
- स्कूल यूनिफॉर्म और अन्य जरूरी सामान लिया जा सकेगा
- बच्चों की पढ़ाई बीच में रुकने से बचेगी
बिहार सरकार का यह फैसला गरीब और मेहनती बच्चों के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।
छात्रवृत्ति और छात्रावास अनुदान बढ़ने से अब शिक्षा हर बच्चे के लिए थोड़ी और सुलभ हो जाएगी।
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