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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम! 12460 शिक्षक भर्ती की मेरिट सूची तलब, सालों से रुके अभ्यर्थियों को अब इंसाफ!

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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम! 12460 शिक्षक भर्ती की मेरिट सूची तलब, सालों से रुके अभ्यर्थियों को अब इंसाफ!

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प्रयागराज: सुप्रीम कोर्ट ने मांगी 12460 शिक्षक भर्ती की मेरिट सूची सालों से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को जगी उम्मीद

परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में हुई 12460 सहायक अध्यापक भर्ती का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

इस भर्ती को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है, लेकिन अब ऐसा लग रहा है|

कि मामला किसी नतीजे की तरफ बढ़ रहा है।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने इस भर्ती की मेरिट सूची राज्य सरकार से मांगी है, जिसके बाद अभ्यर्थियों में उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी है।

जो उम्मीदवार सालों से इस भर्ती को लेकर कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं, उनके लिए यह खबर थोड़ी राहत लेकर आई है। उन्हें लग रहा है कि अब शायद उनकी बात सुनी जाएगी और सही फैसला सामने आ सकता है।

आखिर विवाद शुरू कैसे हुआ

इस भर्ती के लिए 15 दिसंबर 2016 को विज्ञापन निकाला गया था। उस समय कहा गया था कि विधानसभा चुनाव 2017 से पहले ही पूरी भर्ती प्रक्रिया कर ली जाएगी। कुल 12460 पदों पर सहायक अध्यापकों की नियुक्ति होनी थी।

लेकिन जब चयन प्रक्रिया आगे बढ़ी तो कई अभ्यर्थियों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। उनका कहना था कि:

  • चयन मेरिट के हिसाब से नहीं हुआ
  • पूरी मेरिट सूची सार्वजनिक नहीं की गई
  • नियमों का सही से पालन नहीं किया गया

धीरे-धीरे मामला इतना बढ़ा कि पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।

सुप्रीम कोर्ट : सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभ्यर्थियों की तरफ से कहा गया कि भर्ती में
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (शिक्षक) सेवा नियमावली, 1981 को नजरअंदाज किया गया है।
यही वजह है कि इतने योग्य उम्मीदवार आज भी बाहर हैं।

इन बातों को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि
भर्ती से जुड़ी मेरिट सूची और दूसरे जरूरी कागजात कोर्ट में पेश किए जाएं
खास तौर पर जिला-वार मेरिट सूची मांगी गई है, ताकि यह देखा जा सके कि चयन सही तरीके से हुआ या नहीं।

अदालत ने साफ कहा कि जब तक मेरिट सूची सामने नहीं आएगी, तब तक कोई ठोस फैसला लेना मुश्किल है।

मेरिट सूची क्यों इतनी जरूरी है

असल में इस पूरे मामले की जड़ ही मेरिट सूची है। इसी से यह साफ होगा कि—

  • किसे कितने अंक मिले
  • किस आधार पर चयन किया गया
  • कहीं किसी स्तर पर गड़बड़ी तो नहीं हुई

अगर मेरिट सूची नियमों के हिसाब से सही पाई जाती है, तो मामला आगे बढ़ सकता है।
और अगर इसमें गड़बड़ी मिली, तो सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

अभ्यर्थियों को क्यों लग रही है उम्मीद

सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद अभ्यर्थियों को लग रहा है कि अब मामला दबेगा नहीं।
कई उम्मीदवारों का कहना है कि वे सालों से इंतजार कर रहे हैं

और अब जाकर उन्हें लग रहा है कि उनकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी।

जानकारों की मानें तो अगर सरकार संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई, तो:

  • याचिका लगाने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता खुल सकता है
  • भर्ती प्रक्रिया पर दोबारा फैसला लिया जा सकता है
  • शिक्षा विभाग को बड़ा कदम उठाना पड़ सकता है