BPSC कैलेंडर से TRE-4 गायब, शिक्षक अभ्यर्थियों में नाराज़गी
पटना, सोमवार: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के नए परीक्षा कैलेंडर में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 का जिक्र न होने से राज्यभर के शिक्षक अभ्यर्थियों में गहरा असंतोष देखने को मिल रहा है।लंबे समय से अगली भर्ती की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं को उम्मीद थी कि इस बार कैलेंडर में TRE-4 की संभावित तिथि सामने आएगी, लेकिन ऐसा नहीं होने से उनकी चिंता और बढ़ गई है।
आज 11 बजे पटना कॉलेज से मार्च की घोषणा
नाराज़ अभ्यर्थियों और विभिन्न छात्र संगठनों ने आज सुबह करीब 11 बजे पटना कॉलेज से मार्च निकालने का फैसला किया है।
प्रदर्शन के जरिए वे सरकार और आयोग से स्पष्ट जवाब मांगना चाहते हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि महीनों से वे सिर्फ आश्वासन सुन रहे हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं की जा रही।
BPSC कैलेंडर से TRE-4 अभ्यर्थियों की पीड़ा
कई अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने पिछले कई वर्षों से शिक्षक बनने का सपना लेकर लगातार तैयारी की है।
कैलेंडर में TRE-4 का नाम तक नहीं होने से उन्हें लग रहा है
कि उनकी मेहनत और समय दोनों दांव पर लग गए हैं।
कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि उम्र सीमा और आर्थिक दबाव भी उनके लिए बड़ी चिंता बनता जा रहा है।
छात्र संगठनों का आरोप—सिर्फ आश्वासन
छात्र संगठनों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि बार-बार भर्ती का वादा किया जाता है।
लेकिन जमीन पर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती। उनका कहना है।
कि अगर जल्द स्पष्ट तिथि और नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
देरी की वजह क्या बताई जा रही
सूत्रों के मुताबिक, विभागीय स्तर पर रिक्त पदों का प्रस्ताव और औपचारिक प्रक्रिया पूरी न होने की वजह से परीक्षा की तारीख तय नहीं हो पाई है। हालांकि अभ्यर्थियों का तर्क है कि कम से कम संभावित समय-सीमा तो बताई जानी चाहिए, ताकि वे अपनी तैयारी की रणनीति तय कर सकें।
पहले भी हो चुके हैं विरोध
TRE-4 को लेकर यह पहली बार नाराज़गी नहीं है।
इससे पहले भी पटना में कई बार अभ्यर्थी सड़कों पर उतरकर भर्ती प्रक्रिया तेज करने और पदों की संख्या बढ़ाने की मांग कर चुके हैं।
सरकार से क्या उम्मीद
अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि जल्द से जल्द TRE-4 की अधिसूचना जारी हो,
रिक्तियों की स्थिति स्पष्ट की जाए और परीक्षा की संभावित तिथि घोषित की जाए।
उनका कहना है कि पारदर्शी और तय समय-सीमा ही उनके भरोसे को वापस ला सकती है।
कुल मिलाकर, BPSC कैलेंडर से TRE-4 का गायब होना केवल एक प्रशासनिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि हजारों युवाओं के करियर और भविष्य से जुड़ा सवाल बन चुका है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि सरकार और आयोग इस नाराज़गी को दूर करने के लिए कब और क्या ठोस कदम उठाते हैं।

