अन्य

बिहार में कोचिंग सेंटर पर सख्ती: अब टीचर्स का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य, थाने में रहेगा पूरा डाटा!

×

बिहार में कोचिंग सेंटर पर सख्ती: अब टीचर्स का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य, थाने में रहेगा पूरा डाटा!

Share this article

बिहार में कोचिंग संस्थानों को लेकर नया नियम लागू

पटना से आई इस नई अपडेट के बाद अब बिहार में चल रहे सभी कोचिंग संस्थानों पर निगरानी थोड़ी और बढ़ने वाली है।

सरकार ने फैसला लिया है कि अब हर कोचिंग संस्थान का पूरा डिटेल संबंधित थाना में रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत जानकारी मिल सके।

बिहार में कोचिंग सेंटर पर सख्ती: थाने में रहेगा कोचिंग का पूरा रिकॉर्ड

अब कोचिंग सेंटर का रजिस्ट्रेशन नंबर, संचालक का नाम-पता, वहां पढ़ाने वाले टीचर्स और काम करने वाले स्टाफ की पूरी जानकारी थाना स्तर पर जमा की जाएगी। यानी कौन पढ़ा रहा है, कौन काम कर रहा है ये सब पुलिस के रिकॉर्ड में रहेगा।

शिक्षकों और स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी

नए निर्देश के मुताबिक अब कोचिंग संस्थानों में पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों और कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा।

बिना वेरिफिकेशन के अब किसी को भी पढ़ाने या काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

छात्र गायब रहने पर अभिभावकों को देनी होगी सूचना

अगर कोई छात्र या छात्रा लगातार कोचिंग नहीं आता है या अचानक क्लास से गायब रहता है।

तो इसकी जानकारी तुरंत उसके माता-पिता को देनी होगी। इसके लिए कोचिंग संस्थानों को मैसेज या कॉल जैसी व्यवस्था भी करनी पड़ेगी।

बायोमेट्रिक अटेंडेंस और CCTV लगाने का निर्देश

छात्रों की उपस्थिति पर नजर रखने के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लगाने की बात कही गई है।

साथ ही कोचिंग सेंटर में CCTV कैमरा लगाना भी जरूरी होगा और उसका बैकअप कम से कम 30 दिनों तक रखना होगा।

रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट गेट पर दिखाना होगा

सरकार ने साफ किया है कि बिहार कोचिंग संस्थान अधिनियम 2010 के तहत सभी कोचिंग का रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है।

अब कोचिंग संस्थानों को अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और जरूरी जानकारी रिसेप्शन या मुख्य प्रवेश द्वार पर दिखाना होगा।

इन चीजों की भी होगी जांच

पुलिस यह भी जांच करेगी कि छात्रों के लिए ट्रांसपोर्ट सुविधा है या नहीं।

अगर है, तो ड्राइवर और कंडक्टर का पुलिस वेरिफिकेशन हुआ है या नहीं।

इसके अलावा सुरक्षा ऑडिट, मानसिक स्वास्थ्य और करियर काउंसलिंग जैसी सुविधाओं को भी देखा जाएगा।

क्लासरूम के साइज पर भी रहेगा ध्यान

क्लासरूम के आकार की भी जांच की जाएगी, ताकि ज्यादा भीड़ में बच्चों को बैठाकर पढ़ाई ना कराई जाए और पढ़ाई का माहौल सही बना रहे।

सरकार का मानना है कि इन नए नियमों से छात्रों की सुरक्षा और कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही दोनों बेहतर होगी।

इसे भी पढ़ें >>

बिहार भर्ती अपडेट: बिहार में नौकरी की बड़ी सौगात! 1.5 लाख पदों पर जल्द भर्ती, जानें पूरी डिटेल!

Writer: Mobassir AlamEditor: Mobassir Alam