वित्त विभाग का बड़ा फैसला : 10 मार्च तक वेतन-पेंशन छोड़कर बाकी सभी सरकारी भुगतान पर लगी रोक
अगर आप बिहार के सरकारी कर्मचारी हैं या शिक्षक हैं, तो ये खबर आपके लिए जानना बहुत जरूरी है। बिहार सरकार के वित्त विभाग की तरफ से एक नया आदेश जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि 10 मार्च 2026 तक वेतन और पेंशन को छोड़कर बाकी लगभग सभी तरह के सरकारी भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
यानि कि अभी कुछ दिनों तक सरकार की तरफ से जो जरूरी भुगतान नहीं है, उनका पैसा नहीं निकलेगा।
आखिर सरकार ने ऐसा फैसला क्यों लिया?
दरअसल हर साल जब वित्तीय वर्ष खत्म होने वाला होता है, तो उस समय अचानक से बहुत ज्यादा बिल कोषागार (ट्रेजरी) में जमा होने लगते हैं। सभी विभाग एक साथ अपने-अपने भुगतान के बिल भेज देते हैं।
इससे होता ये है कि सरकारी खजाने से एक साथ काफी ज्यादा पैसा निकलने का दबाव बन जाता है। कई बार तो भुगतान में दिक्कत भी आने लगती है और पूरा सिस्टम थोड़ा गड़बड़ा जाता है।
इसी को देखते हुए इस बार वित्त विभाग ने पहले ही एहतियात के तौर पर ये फैसला लिया है कि 10 मार्च तक सिर्फ जरूरी कामों के लिए ही पैसा निकलेगा।
किन-किन भुगतान पर लगी है रोक?
10 मार्च 2026 तक नीचे दिए गए भुगतान नहीं किए जाएंगे —
- यात्रा भत्ता का बिल
- इलाज का पैसा वापस मिलने वाला बिल
- ऑफिस खर्च से जुड़े भुगतान
- भवन निर्माण या मरम्मत का भुगतान
- स्कूल या विभागीय अनुदान से जुड़े भुगतान
- वेतन एरियर का भुगतान
- सामान खरीद से जुड़े बिल
- योजनाओं के प्रशासनिक खर्च
- अन्य गैर-जरूरी खर्च
सरल भाषा में कहें तो जो भुगतान बहुत जरूरी नहीं है, वो अभी रुके रहेंगे।
किनका पैसा मिलता रहेगा?
घबराने वाली बात नहीं है, क्योंकि सरकार ने कुछ जरूरी भुगतान को इस रोक से बाहर रखा है। जैसे —
- हर महीने मिलने वाला नियमित वेतन
- पेंशन का पैसा
- जीपीएफ का अंतिम भुगतान
- कोर्ट के आदेश से होने वाला भुगतान
- अन्य जरूरी सरकारी खर्च
यानि कि कर्मचारियों और शिक्षकों का मासिक वेतन समय पर मिलता रहेगा, उस पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई गई है।
शिक्षकों पर क्या असर पड़ेगा?
राज्य के नियोजित और नियमित शिक्षकों के वेतन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन अगर किसी शिक्षक का —
- एरियर बाकी है
- मेडिकल बिल लगा हुआ है
- यात्रा भत्ता का दावा किया गया है
- स्कूल अनुदान का भुगतान लंबित है
तो ऐसे भुगतान में थोड़ी देरी हो सकती है। हो सकता है कि अब ये पैसा 10 मार्च के बाद ही मिले।
अधिकारियों को क्या कहा गया है?
वित्त विभाग ने साफ-साफ निर्देश दिया है कि सभी निकासी एवं वितरण पदाधिकारी (DDO) सिर्फ जरूरी भुगतान से जुड़े बिल ही कोषागार में जमा करें।
बाकी जो भी गैर-जरूरी भुगतान के बिल हैं, उन्हें अभी रोक कर रखा जाए और 10 मार्च के बाद ही जमा किया जाए।
कब तक लागू रहेगा ये आदेश?
फिलहाल ये आदेश 10 मार्च 2026 तक लागू रहेगा। इसके बाद हालात को देखते हुए आगे का फैसला लिया जाएगा।
इसलिए अगर आपका कोई भुगतान अभी लंबित है, तो थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है।


