बिहार में शिक्षकों के तबादले को लेकर नई ट्रांसफर पॉलिसी तैयार, अप्रैल 2026 से लागू होने की संभावना
बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत नियोजित और नियमित शिक्षकों के लिए एक अहम खबर सामने निकलकर आ रही है। शिक्षा विभाग अब शिक्षकों के तबादले से जुड़ी जो पुरानी नियमावली है उसमें बदलाव करने जा रहा है। विभागीय स्तर पर नई ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है और बताया जा रहा है कि इसका प्रस्ताव बहुत जल्द कैबिनेट के पास भेजा जाएगा।
अगर सब कुछ सही रहा और कैबिनेट से मंजूरी मिल जाती है, तो इस नई तबादला नीति को अप्रैल 2026 से लागू किया जा सकता है।
तबादले के बाद 3 साल तक उसी स्कूल में रहना होगा
नई प्रस्तावित नियमावली के अनुसार, किसी भी शिक्षक का जब एक बार ट्रांसफर हो जाएगा, उसके बाद उन्हें कम से कम 03 साल तक उसी विद्यालय में सेवा देना होगा। मतलब बार-बार तबादला होने की जो समस्या थी, उसपर अब कुछ हद तक रोक लग सकता है।
हालांकि, अगर कोई शिक्षक गंभीर बीमारी या किसी पारिवारिक समस्या जैसी विशेष परिस्थिति से गुजर रहे हैं, तो वो तीन साल से पहले भी ट्रांसफर के लिए आवेदन दे सकते हैं।
ऐसे मामलों में विभाग द्वारा जांच के बाद ही फैसला लिया जाएगा।
सभी शिक्षकों के लिए एक जैसा नियम लागू होगा
अभी तक बिहार में अलग-अलग कोटि के शिक्षकों के लिए अलग-अलग ट्रांसफर नियम लागू थे, जिससे कई बार भ्रम की स्थिति भी बन जाती थी। लेकिन अब नई नीति के तहत नियोजित शिक्षक, विशेष शिक्षक, प्रधानाध्यापक और अन्य सभी श्रेणियों के शिक्षकों के लिए एक समान ट्रांसफर नियमावली लागू किया जाएगा।
इससे उम्मीद है कि ट्रांसफर प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और आसान हो पाएगा।
साल में दो बार लिया जाएगा ट्रांसफर आवेदन
शिक्षा विभाग की योजना के मुताबिक अब शिक्षकों का तबादला साल में सिर्फ दो बार — जून और दिसंबर महीने में ही किया जाएगा। इसी दौरान शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे।
ई-शिक्षा कोष पोर्टल के जरिए होगा ऑनलाइन ट्रांसफर
नई व्यवस्था लागू होने के बाद तबादले की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया जाएगा।
इसके तहत शिक्षकों को:
- ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा
- अपने पसंद के विद्यालय का चयन करने का विकल्प मिलेगा
- जिन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या ज्यादा है वहां से कम संख्या वाले स्कूल में समायोजन किया जाएगा
- विशेष परिस्थिति में मेरिट और जरूरत के अनुसार भी ट्रांसफर संभव रहेगा
इससे मैनुअल प्रक्रिया में जो देरी या गड़बड़ी होती थी, वो काफी हद तक कम हो सकता है।
एक लाख से ज्यादा शिक्षक कर रहे हैं इंतजार
फिलहाल राज्य में लगभग एक लाख से भी ज्यादा शिक्षक अपने तबादले का इंतजार कर रहे हैं।
पिछली बार दिसंबर 2024 में ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन लिया गया था।
लेकिन उसके बाद से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई थी।
जिला और मंडल स्तर पर बनेगी कमिटी
नई नीति लागू होने के बाद जिला और मंडल स्तर पर अलग-अलग समितियों का गठन किया जाएगा।
इन्हीं समितियों की अनुशंसा के आधार पर शिक्षकों का ट्रांसफर किया जाएगा।
नई ट्रांसफर नीति लागू होने के बाद उम्मीद किया जा रहा है कि शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया पहले से ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी हो पाएगी।
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