BPSC TRE-4: में बड़ा बदलाव? अब एक अभ्यर्थी – एक रिज़ल्ट की तैयारी
Bihar Public Service Commission (BPSC) की TRE-4 शिक्षक भर्ती को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि इस बार आयोग एक अभ्यर्थी एक परिणाम वाला नियम लागू कर सकता है।
सुनने में ये छोटा बदलाव लगता है, लेकिन सच में देखें तो इससे हजारों उम्मीदवारों की किस्मत पर असर पड़ सकता है।
पहले क्या होता था? और दिक्कत कहाँ थी?
अब तक सिस्टम ये था कि अगर कोई अभ्यर्थी PRT, TGT और PGT तीनों लेवल के लिए योग्य है, और उसने अच्छा नंबर ला दिया, तो उसका नाम तीनों की मेरिट लिस्ट में आ सकता था।
मतलब एक ही व्यक्ति कई जगह सेलेक्ट हो सकता था।
पहली नजर में ये अच्छी बात लगती है “अरे वाह, तीन-तीन जगह नाम आ गया!”
लेकिन असली समस्या यहीं से शुरू होती थी।
जब एक उम्मीदवार कई सूचियों में आ जाता था, तो बाकी उम्मीदवारों के लिए सीटें कम हो जाती थीं।
कुछ सीटें ब्लॉक हो जाती थीं। बाद में जब उम्मीदवार एक पोस्ट चुनता था, तब जाकर बाकी सीट खाली होती थी और तब तक काफी देर हो जाती थी।
कई बार लिस्ट बार-बार संशोधित करनी पड़ती थी।
उम्मीदवारों में कन्फ्यूजन रहता था कि आखिर फाइनल लिस्ट कौन सी है।
BPSC TRE-4: नया नियम क्या कहता है?
अब जो प्रस्ताव सामने आया है, उसके मुताबिक:
एक अभ्यर्थी को सिर्फ एक ही फाइनल रिज़ल्ट मिलेगा।
अगर वह कई लेवल के लिए योग्य है, तो भी उसे सिर्फ एक पोस्ट दी जाएगी
जो उसकी मेरिट या तय नियम के हिसाब से सबसे बेहतर मानी जाएगी।
मतलब अब एक ही नाम तीन-तीन जगह नहीं दिखेगा।
सिस्टम थोड़ा साफ रहेगा, थोड़ा सीधा रहेगा।
इससे फायदा क्या होगा?
देखिए, सीधी सी बात है, जब एक आदमी तीन सीट पर बैठा रहेगा तो तीन लोगों का मौका रुक जाएगा।
नए सिस्टम में ऐसा नहीं होगा।
इससे:
- ज्यादा उम्मीदवारों को चयन का मौका मिल सकता है
- सीटें खाली रहने की संभावना कम होगी
- मेरिट लिस्ट समझना आसान होगा
- बार-बार संशोधित सूची निकालने की जरूरत कम पड़ेगी
और सबसे बड़ी बात, जो लोग थोड़े नंबर से रह जाते थे, उनको भी इस बार चांस मिल सकता है।

BPSC TRE-4: क्या परीक्षा पैटर्न बदल जाएगा?
नहीं।
परीक्षा वही रहेगी।
सिलेबस वही रहेगा।
लिखित परीक्षा का तरीका भी वही रहेगा।
ये बदलाव सिर्फ रिज़ल्ट और पोस्ट अलॉटमेंट से जुड़ा है। इसलिए तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को घबराने की जरूरत नहीं है।
सबसे ज्यादा फायदा किसको?
ईमानदारी से कहें तो इस बार फायदा उन लोगों को हो सकता है जो पहले बहुत कम अंतर से बाहर हो जाते थे।
मान लीजिए पहले कोई अभ्यर्थी तीन लिस्ट में था, अब वो सिर्फ एक में रहेगा। तो बाकी दो जगह नए नाम आ सकते हैं।
इससे नए उम्मीदवारों और पहली बार परीक्षा देने वालों के लिए भी रास्ता थोड़ा खुल सकता है।
BPSC TRE-4: कितनी भर्तियां होने वाली हैं?
खबरों के मुताबिक TRE-4 में करीब 44,000 शिक्षक पद भरे जाने की संभावना है। ये नियुक्तियां प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक स्कूलों में होंगी।
इतनी बड़ी भर्ती में अगर सिस्टम साफ और सीधा रहे, तो सभी के लिए बेहतर होगा। शायद इसी वजह से आयोग ये बदलाव सोच रहा है।
अभी क्या-क्या साफ होना बाकी है?
कुछ बातें अभी क्लियर नहीं हैं।
जैसे:
- अगर कोई उम्मीदवार PRT और TGT दोनों में योग्य है, तो उसे कौन सा पोस्ट मिलेगा?
- क्या उम्मीदवार से पहले से उसकी पसंद पूछी जाएगी?
- या फिर सिर्फ सबसे ज्यादा नंबर वाले लेवल पर पोस्ट दे दी जाएगी?
अगर ये नियम नोटिफिकेशन जारी होने के बाद बदला गया तो कुछ लोग आपत्ति भी कर सकते हैं। इसलिए उम्मीद है कि आयोग पहले ही सब साफ कर दे।
एक अभ्यर्थी –एक परिणाम नियम अगर लागू होता है, तो भर्ती प्रक्रिया ज्यादा साफ और संतुलित हो सकती है।
डुप्लीकेट चयन कम होंगे।
ज्यादा लोगों को मौका मिलेगा।
और शायद इस बार रिज़ल्ट के बाद कम विवाद देखने को मिलें।
अब सबकी नजर आधिकारिक अधिसूचना पर है। वही अंतिम सच बताएगी।
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