नियोजित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक व विद्यालय अध्यापक के लिए बड़ी अपडेट, HM बनने का रास्ता अब साफ
प्राथमिक शिक्षा निदेशालय: बिहार शिक्षा विभाग (प्राथमिक शिक्षा निदेशालय) की तरफ से 12 फरवरी 2026 को एक बहुत ही जरूरी आदेश जारी किया गया है।
यह आदेश खासकर स्थानीय निकाय शिक्षक (नियोजित शिक्षक), विशिष्ट शिक्षक और विद्यालय अध्यापक के लिए जारी किया गया है।
असल में काफी समय से स्कूलों में यह समस्या सामने आ रही थी कि जब एक ही स्कूल में अलग-अलग कैटेगरी के शिक्षक काम करते हैं।
तो यह तय करना मुश्किल हो जाता था कि आखिर senior कौन है और प्रभारी प्रधानाध्यापक (Incharge HM) किसे बनाया जाए। कई जगहों पर इसे लेकर विवाद की स्थिति भी बन जाती थी।
इसी समस्या को खत्म करने के लिए अब विभाग ने साफ-साफ गाइडलाइन जारी कर दिया है कि seniority कैसे तय होगी और किस शिक्षक को प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाया जा सकता है।
अब ऐसे तय होगी शिक्षकों की Seniority
अब स्कूल में कार्यरत नियोजित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक और विद्यालय अध्यापक के बीच आपसी वरीयता पहले की तरह मनमाने तरीके से नहीं बल्कि एक तय नियम के अनुसार निर्धारित की जाएगी।
सबसे पहले यह देखा जाएगा कि किस शिक्षक को प्रशिक्षित वेतनमान (Trained Pay Scale) कब मिला है।
जिस शिक्षक को trained salary पहले मिला होगा, वही senior माना जाएगा।
अगर मान लीजिए कि दो या उससे ज्यादा शिक्षकों को trained pay scale एक ही तारीख में मिला है
तो उस स्थिति में उनकी जन्म तिथि (DOB) को देखा जाएगा।
जिसका जन्म पहले हुआ है, उसे senior माना जाएगा।
और अगर ऐसा भी हो जाए कि जन्म तिथि भी same है (जो कभी-कभी हो जाता है)
तो आखिर में नाम के अंग्रेजी alphabetical order (A-Z) के आधार पर seniority तय कर दी जाएगी।
यानि अब seniority को लेकर confusion या argue करने का ज्यादा chance नहीं रहेगा।
प्रभारी प्रधानाध्यापक बनने के लिए कितना Experience जरूरी?
अब विभाग ने यह भी clear कर दिया है कि HM (Incharge) बनाने के लिए minimum teaching experience होना जरूरी है।
बिना अनुभव के अब किसी को भी HM नहीं बनाया जा सकेगा।
विद्यालय के स्तर के अनुसार अनुभव इस प्रकार से रखा गया है:
- Primary School (Class 1 से 5) → कम से कम 8 साल का अनुभव
- Middle School (Class 6 से 8) → कम से कम 4 साल का अनुभव
- Secondary School (Class 9 से 10) → कम से कम 8 साल का अनुभव
- Higher Secondary School (Class 11 से 12) → कम से कम 4 साल का अनुभव
यानि जो शिक्षक इतना अनुभव पूरा करता है, वही प्रभारी प्रधानाध्यापक बनने के लिए eligible माना जाएगा।
प्राथमिक शिक्षा निदेशालय: HM बनने के लिए Qualification भी जरूरी
मध्य विद्यालय, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापक बनने के लिए अब संबंधित शिक्षक का B.Ed qualified होना अनिवार्य कर दिया गया है।
वहीं, Primary और Middle School के लिए प्रभारी HM बनने हेतु शिक्षक के पास D.El.Ed (Diploma in Elementary Education) होना जरूरी होगा।
अगर यह योग्यता नहीं है, तो HM के रूप में नामित होने में दिक्कत आ सकती है।
इस आदेश का क्या असर पड़ेगा?
इस नए आदेश के आने के बाद अब स्कूलों में seniority को लेकर होने वाला confusion काफी हद तक खत्म हो जाएगा।
साथ ही HM बनाने की प्रक्रिया भी अब ज्यादा transparent हो जाएगी।
सीधे शब्दों में कहें तो अब अनुभव और योग्यता रखने वाले शिक्षक को ही प्रभारी प्रधानाध्यापक बनने का मौका मिलेगा।
जिससे स्कूल के प्रशासनिक कामकाज में भी सुधार आने की उम्मीद है।
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