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अब एक सोशल मीडिया पोस्ट भी बन सकती है मुश्किल! बिहार के सरकारी कर्मचारियों पर नई सख्ती…

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अब एक सोशल मीडिया पोस्ट भी बन सकती है मुश्किल! बिहार के सरकारी कर्मचारियों पर नई सख्ती…

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बिहार में सरकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नई सख्ती

पटना। : बिहार सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया को लेकर नियम और कड़े कर दिए हैं। सरकार का मानना है कि बीते कुछ समय से कर्मचारी सोशल मीडिया पर जरूरत से ज़्यादा खुलकर लिख रहे हैं, जिससे कई बार प्रशासन को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

इसी को देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 में बदलाव किया है। नियम-9 में नया उपनियम जोड़ा गया है, जो सीधे सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल से जुड़ा हुआ है।

सरकार के मुताबिक, सरकारी सेवा में रहते हुए कर्मचारी की जिम्मेदारी सिर्फ कार्यालय तक सीमित नहीं होती। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर की गई गतिविधियां भी सरकार की छवि को प्रभावित करती हैं।

नए नियमों में क्या बदला है?

सरकार ने साफ किया है कि अब सरकारी कर्मचारी:

  • सोशल मीडिया पर सरकार की नीतियों या फैसलों पर टिप्पणी नहीं करेंगे
  • किसी भी तरह की गोपनीय फाइल, दस्तावेज या अंदरूनी जानकारी साझा नहीं करेंगे
  • व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप में सरकार से जुड़ा आपत्तिजनक कंटेंट फॉरवर्ड नहीं करेंगे

अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में बिना सोचे-समझे की गई पोस्ट बाद में विवाद का कारण बनती है। ऐसे मामलों को रोकना जरूरी था।

क्या निजी सोशल मीडिया पर रोक लगेगी?

इस पर सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। कर्मचारियों के निजी जीवन में दखल देने का इरादा नहीं है। वे सामान्य पोस्ट कर सकते हैं, जैसे:

  • परिवार या निजी फोटो
  • व्यक्तिगत विचार, जो सरकार या विभाग से न जुड़े हों
  • सामान्य सामाजिक गतिविधियां

लेकिन जैसे ही पोस्ट का संबंध सरकार, विभाग या नीति से होगा, वहां नियम लागू माने जाएंगे।

नियम तोड़ने पर क्या कार्रवाई हो सकती है?

यदि कोई कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो:

  • पहले विभागीय जांच की जाएगी
  • चेतावनी या वेतन वृद्धि रोकने जैसी कार्रवाई हो सकती है
  • गंभीर मामलों में निलंबन या पद से हटाने तक की नौबत
    भी आ सकती है

.सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेंद्र ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मियों पर न केवल विभागीय कार्रवाई होगी, बल्कि उन्हें कड़ी सजा भी दी जा सकती है

अधिकारी के अनुसार, यह फैसला कर्मचारियों को डराने के लिए नहीं है, बल्कि व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखने के लिए लिया गया है।

आखिर सरकार का संदेश क्या है?

सरकार का मानना है कि डिजिटल दौर में सोशल मीडिया जरूरी है, लेकिन सरकारी सेवा में रहते हुए इसकी एक सीमा होनी चाहिए। एक गलत पोस्ट या फॉरवर्ड किया गया मैसेज कर्मचारी के पूरे करियर पर असर डाल सकता है।

इसलिए अब सरकारी कर्मचारियों को सोशल मीडिया का इस्तेमाल सोच-समझकर करना होगा।

Writer: Mobassir AlamEditor: Mobassir Alam