अन्य

TET बंद CTET भर्ती: बिहार में अब नहीं होगी TET परीक्षा, CTET से ही बन सकेंगे प्राथमिक शिक्षक!

×

TET बंद CTET भर्ती: बिहार में अब नहीं होगी TET परीक्षा, CTET से ही बन सकेंगे प्राथमिक शिक्षक!

Share this article

बिहार में अब नहीं होगी TET परीक्षा, CTET के आधार पर होगी शिक्षक भर्ती – जानिए क्या है पूरा मामला

TET बंद CTET भर्ती: बिहार में जो भी अभ्यर्थी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए एक काफी बड़ा बदलाव सामने आया है। अब राज्य सरकार की तरफ से आयोजित होने वाली बिहार शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी BTET को आगे से नहीं लिया जाएगा। मतलब साफ है कि अब प्राथमिक स्कूलों (कक्षा 1 से 8) में शिक्षक बनने के लिए अभ्यर्थियों को सिर्फ CTET पास करना ही जरूरी होगा।

अब क्या है नया नियम?

पहले ऐसा होता था कि बिहार में शिक्षक बनने के लिए अभ्यर्थियों को BTET परीक्षा पास करना पड़ता था, उसके बाद ही वे शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन कर सकते थे।लेकिन अब शिक्षा विभाग की तरफ से ये साफ कर दिया गया है कि राज्य स्तर पर अब TET परीक्षा का आयोजन नहीं होगा और प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए CTET को ही मान्यता दी जाएगी।

अब नए नियम के हिसाब से:

  • कक्षा 1 से 8 तक शिक्षक बनने के लिए CTET पास करना जरूरी होगा
  • बिहार सरकार अब BTET परीक्षा आयोजित नहीं करेगी
  • शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में CTET को ही पात्रता माना जाएगा

माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती का नियम

वहीं जो अभ्यर्थी कक्षा 9 से 10 या फिर 11 से 12 तक के स्कूलों में शिक्षक बनना चाहते हैं उनके लिए STET पास करना अनिवार्य रहेगा। बिहार में आखिरी बार STET परीक्षा साल 2017 में आयोजित हुई थी और आगे भी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक बनने के लिए STET की जरूरत पड़ेगी।

CTET परीक्षा में पास होने के लिए कितने अंक जरूरी हैं?

CTET परीक्षा कुल 150 अंकों की होती है जिसमें 150 प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को पास होने के लिए कम से कम 60 प्रतिशत यानी 90 अंक लाना जरूरी होता है जबकि SC, ST, OBC एवं दिव्यांग वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 55 प्रतिशत यानी 82 अंक तय किया गया है।

TET बंद CTET भर्ती: बिहार के अभ्यर्थियों पर क्या पड़ेगा असर?

BTET परीक्षा नहीं होने के कारण अब बिहार के अभ्यर्थियों को पूरी तरह से CTET परीक्षा पर ही निर्भर रहना पड़ेगा।

इसके साथ ही CTET में बिहार की कई क्षेत्रीय भाषाएं जैसे भोजपुरी, मगही और अंगिका शामिल नहीं है।

ऐसे में इन भाषाओं से पढ़ाई करने वाले छात्रों को भाषा विषय को लेकर थोड़ी परेशानी हो सकती है

और तैयारी में भी ज्यादा मेहनत करना पड़ सकता है।

इन अभ्यर्थियों को खासकर इन दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है:

  • भाषा विषय चुनने में परेशानी
  • तैयारी में ज्यादा समय लगना
  • दूसरी भाषा में परीक्षा देने की मजबूरी

प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए जरूरी योग्यता

प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) शिक्षक बनने के लिए अभ्यर्थी का कम से कम 12वीं पास होना जरूरी है। इसके साथ ही दो वर्षीय D.El.Ed (Diploma in Elementary Education) या इसके बराबर की कोई शिक्षक प्रशिक्षण डिग्री होना भी अनिवार्य है।

इस नए फैसले के बाद बिहार में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अब अपनी स्ट्रेटजी CTET के अनुसार ही बनानी होगी, क्योंकि आगे की भर्ती प्रक्रिया इसी के आधार पर होने वाली है।

इसे भी पढ़ें>>

केंद्र सरकार: कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! नए अकाउंट टाइप से मिलेगा ₹2 करोड़ का लाभ! जानें पूरी खबर!

Writer: Mobassir AlamEditor: Mobassir Alam