SC-ST शिक्षक बहाली: बिहार सरकार ने SC-ST वर्ग के छात्रों के लिए संचालित आवासीय विद्यालयों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है।
राज्य में चल रहे एससी-एसटी आवासीय स्कूलों में कुल 4966 पदों पर शिक्षकों और कर्मचारियों की बहाली की जाएगी।
लंबे समय से इन स्कूलों में शिक्षक और स्टाफ की कमी चल रही थी,
जिस वजह से पढ़ाई और व्यवस्था दोनों प्रभावित हो रही थी। सरकार का मानना है
कि इन पदों पर बहाली होने के बाद स्कूलों की स्थिति काफी हद तक सुधरेगी
और बच्चों को बेहतर पढ़ाई का माहौल मिल पाएगा।
SC-ST शिक्षक बहाली: कितने स्कूल और किन पदों पर होगी नियुक्ति?
फिलहाल बिहार में 91 एससी-एसटी आवासीय विद्यालय ही संचालित हैं।
और इन्हीं विद्यालयों के लिए यह पूरी भर्ती प्रक्रिया की जा रही है।
कुल 4966 पदों में से 1326 पद शिक्षकों के है!
जबकि बाकी पदों पर कार्यालय कर्मी, छात्रावास कर्मचारी, लिपिक और अन्य स्टाफ की बहाली होगी।
इन स्कूलों में कई विषयों के शिक्षक नहीं होने की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।
अब अलग-अलग विषयों के शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे, जिससे छात्रों को सभी विषयों की नियमित पढ़ाई मिल सकेगी।
बहाली किस माध्यम से होगी
सरकार ने साफ कर दिया है कि इन सभी पदों पर नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के जरिए कराई जाएगी।
हालांकि अभी आवेदन की तारीख और परीक्षा को लेकर कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है!
लेकिन विभाग का कहना है कि प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक नोटिस का इंतजार करें।
मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन ने क्या कहा?
इस बारे में लखेन्द्र कुमार रौशन, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री, ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत की।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि SC-ST वर्ग के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रहने की भी अच्छी सुविधा मिले।
मंत्री ने बताया कि आने वाले पांच साल में राज्य के सभी 534 प्रखंडों में एससी-एसटी छात्रों के लिए छात्रावास बनाए जाएंगे।
छात्रावास को लेकर भी बड़ा प्लान
सरकार ने सिर्फ बहाली ही नहीं, बल्कि छात्रावास व्यवस्था को भी मजबूत करने का फैसला लिया है।
अगले पांच वर्षों में राज्य के सभी प्रखंडों में एससी-एसटी छात्रों के लिए छात्रावास बनाए जाएंगे।
अभी राज्य भर में करीब 139 छात्रावास संचालित हैं, लेकिन बढ़ती छात्र संख्या के हिसाब से यह संख्या कम पड़ रही है।
इसी वजह से चालू वित्तीय वर्ष में 60 नए छात्रावासों के निर्माण को मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा हर जिले में 100 बिस्तर वाले छात्रावास बनाए जाने की योजना है।
जानकारी के अनुसार 18 जिलों में इसकेलिए जमीन भी आवंटित कर दी गई है, जिससे निर्माण कार्य में ज्यादा देर नहीं लगेगी।
बढ़ती आबादी को देखते हुए फैसला
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2011 की जनगणना में एससी-एसटी समुदाय की आबादी 17.19प्रतिशत थी,
जो अब बढ़कर करीब 23.01 प्रतिशत हो चुकी है। आबादी बढ़ने के साथ-साथ शिक्षा और आवास की जरूरत भी बढ़ी है।
इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 28 नए एससी-एसटी आवासीय विद्यालयों को भी मंजूरी दी है।
ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को पढ़ाई का मौका मिल सके और वे बीच में स्कूल छोड़ने को मजबूर न हों।
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