बिहार के शिक्षकों के लिए एक अहम चेतावनी सामने आई है। बीते कुछ दिनों से कई शिक्षक-शिक्षिकाओं को फोन कॉल कर डराने-धमकाने और पैसे मांगने के मामले सामने आ रहे हैं। कॉल करने वाले खुद को साइबर क्राइम ब्रांच का अधिकारी बता रहे हैं।
शिक्षकों का कहना है कि कॉल एक ही मोबाइल नंबर से बार-बार आ रहे हैं। फोन करने वाला व्यक्ति यह कहता है कि शिक्षक के मोबाइल नंबर और ईमेल से कुछ गलत और आपत्तिजनक वीडियो देखे गए हैं, जिस कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
कॉल करने वाले यह भी धमकी देते हैं कि यदि शिक्षक पटना आकर नहीं मिले तो उनके ऊपर FIR दर्ज कर दी जाएगी। कई मामलों में FIR से बचाने के नाम पर नकद रुपये देने की बात कही जा रही है।
ठग यह दावा कर रहे हैं कि शिक्षकों का मोबाइल नंबर उन्हें ई-शिक्षा पोर्टल या ई-शिक्षाकोष ऐप के माध्यम से मिला है। हालांकि अब तक किसी भी सरकारी विभाग की ओर से डाटा लीक को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
फिलहाल यह मामला मुजफ्फरपुर जिले से सामने आया है। जानकारी के अनुसार जिले में करीब 60 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने इस तरह के कॉल आने की शिकायत की है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में अन्य जिलों के शिक्षक भी इनके निशाने पर आ सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी तरह साइबर ठगी का मामला है, जिसमें डर दिखाकर पैसे ऐंठने की कोशिश की जाती है।
शिक्षकों के लिए जरूरी सावधानियां
- किसी भी अनजान नंबर पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें
- OTP, आधार नंबर, ईमेल या स्कूल से जुड़ी जानकारी बिल्कुल न दें
- संदिग्ध नंबर को Truecaller पर Spam मार्क करें
- ई-शिक्षा पोर्टल, ईमेल और DigiLocker का पासवर्ड तुरंत बदलें
- कॉल रिकॉर्डिंग, मैसेज और कॉल लॉग सुरक्षित रखें
प्रशासनिक स्तर पर क्या करें
यदि इस तरह का कॉल आए तो केवल मौखिक शिकायत न करें। शिक्षक लिखित रूप से—
- अपने प्रधानाध्यापक
- प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO)
- जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO)
को जानकारी दें। यदि सामूहिक रूप से शिकायत की जाए तो कार्रवाई की संभावना और बढ़ जाती है।
यह मामला केवल ठगी तक सीमित नहीं है बल्कि शिक्षकों की सुरक्षा और निजी जानकारी से जुड़ा गंभीर विषय है। इसलिए सभी शिक्षकों को सतर्क रहने और किसी भी तरह की धमकी से डरने के बजाय सही कानूनी प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी जा रही है।












