73हजार नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी बनने का आखिरी मौका, राज्यपालआरिफ मोहम्मद खां ने दी बड़ी जानकारी
बिहार के नियोजित शिक्षकों के लिए एक बार फिर से उम्मीद की खबर आई है।
राज्यपाल ने विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त सत्र में कहा है कि राज्य के 73 हजार नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी बनने का अंतिम मौका दिया जाएगा।
काफी समय से नियोजित शिक्षक राज्यकर्मी दर्जे की मांग कर रहे थे।
अब सरकार ने साफ कर दिया है कि जो शिक्षक अब तक इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए हैं, उन्हें एक आखिरी अवसर मिलेगा।
अभी बिहार में कितने शिक्षक हैं?
राज्यपाल ने बताया कि इस समय बिहार के सरकारी स्कूलों में करीब 5 लाख 24 हजार शिक्षक पढ़ा रहे हैं।
साथ ही हर पंचायत में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय की व्यवस्था की गई है, ताकि बच्चों को शिक्षा के लिए दूर न जाना पड़े।
शिक्षकों को क्या फायदा होगा?
राज्यकर्मी बनने के बाद शिक्षकों को:
- बेहतर वेतन मिलेगा
- पेंशन और अन्य सरकारी सुविधाएं मिलेंगी
- नौकरी ज्यादा सुरक्षित होगी
इसी वजह से यह मौका नियोजित शिक्षकों के लिए बहुत अहम माना जा रहा है।
सरकार का दावा
राज्य सरकार का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
आने वाले 5 सालों में रोजगार बढ़ाने और लोगों की आमदनी दोगुनी करने पर काम किया जाएगा।
इसमें शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है।
विपक्ष ने उठाए सवाल
73हजार नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी बनने का आखिरी मौका: वहीं विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार पहले भी ऐसे वादे कर चुकी है। घोषणाएं तो होती हैं, लेकिन जमीन पर असर कम दिखता है। हालांकि सरकार ने भरोसा दिलाया है कि इस बार सभी योग्य शिक्षकों को पूरा लाभ दिया जाएगा।
अब आगे क्या?
अब सभी की नजर सरकार की तरफ से जारी होने वाली आधिकारिक सूचना (नोटिफिकेशन) पर है। उसी से साफ होगा कि:
- आवेदन कब से होगा
- कौन-कौन शिक्षक शामिल हो सकेंगे
- क्या शर्तें होंगी
73 हजार नियोजित शिक्षकों के लिए यह मौका बहुत महत्वपूर्ण है। अगर सरकार अपने वादे पर खरी उतरती है, तो हजारों शिक्षकों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आ सकता है।






